सुविचार
लक्ष्य बड़ा या छोटा नही होता बड़े तो लक्ष्य तक रास्ते होते है
लक्ष्य को पाना आसान है
मुश्किल तो प्रयास करते रहना है।
लक्ष्य तुम्हारे सामने मजबूर नहीं है।
जो तुम्हारे आगे झुक जाए
अगर इरादे तुम्हारे मजबूत है।
तो तुम्हारे लक्ष्य को झुका देंगे।
अपनी कमजोरियों को यूँ बया ना करो
जीत हार तक़दीर में नहीं होती हैं।
तकदीरें उन्ही की बनती है।
जिसने मंजिल की दूरियां समझी हैं।
लक्ष्य एक खोज हैं।
मेहनत की होड है।
समय की जोड है।
तो लक्ष्य तुम्हारी औऱ
हैं।
हार औऱ पराजय एक गीत है।
जो निरन्तर आगे बढे
उसी की जीत हैं।
लक्ष्य तक जाने की जिद हैं
लक्ष्य के साथ उसी का गीत है।
उन राहों पर कदम डग मगाने लगते हैं।
जो लक्ष्य की और जाते हैं।
उनके लक्ष्य जग मंगाने लगते हैं।
जिनके कदम संभले जाते हैं।
जीत वर्षों की हो या महीनों की हों।
ये कल की बात है।
आज मेहनत तुम्हारी ख़ास हैं
तो कल जीत तुम्हारे साथ हैं।
सफलता हमेशा उनको चुनती है जिनके हर मोड़ पर संघर्ष की कहानी मिलती है।
सफलता उनको देखती है जिनके मार्ग में नेक प्रयासों की नदियां बहती है।
दिन और रात तो सदियो से होते है लेकिन सफल वो ही होते है जो मंजिल तक ना सोते हैं ।
रुकना तो सूरज भी चाहता है लेकिन क्या करे वो अपने कर्तव्य के आगे झुकना नही चाहता है मंजिल को सब चाहते है लेकिन क्या करे मजिलं सिर्फ उनको चाहती है
जो मुडना नही चाहते....
चलने के लिये रास्तो की जरुरत नही होती है जरुरत तो हौसलों की होती है हार के बाद जीत जरूर होती है लेकिन गिर गिर कर उठाना जरूरी है
सपने नही टूटते बस सपनो का साथ छूट जाता है
वो महासागर भी खाली है जहाँ
नदीयाँ नदीयाँ हार मान जाती है।
सुबह की किरणे सोयी हुई रात को जगाने आती हैं न दोस्त है ना दुशमन है नेक काम जुनुन है रात के बाद सुबह जरूर है।ना किसी का अपना अपना गुरूर है जो पीछे रह जाता है उसेके आलस्य का कशुर है क्योंकि अन्धेर के बाद ऊजाला जरूर है
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